लिंडसे ग्राहम की मौत, यूक्रेन के लिए झटका है?
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और लिंडसे।
अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम के निधन के बाद यूक्रेन ने अपने सबसे प्रभावशाली और मुखर समर्थकों में से एक को खो दिया है। ग्राहम की मौत ऐसे समय हुई जब वह हाल ही में कीव दौरे से लौटे थे। यूक्रेन की प्रधानमंत्री यूलिया स्विरीदेंको ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि रूस के पूर्ण पैमाने पर हमले के दौरान ग्राहम लगातार यूक्रेन और लोकतांत्रिक मूल्यों के समर्थन में खड़े रहे।
कौन थे लिंडसे ग्राहम?
रिपब्लिकन पार्टी के वरिष्ठ नेता और दक्षिण कैरोलिना से सीनेटर लिंडसे ग्राहम अमेरिकी राजनीति में राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति के मजबूत पक्षधर माने जाते थे। पूर्व सीनेटर जॉन मैक्केन की तरह ग्राहम भी अमेरिका की वैश्विक भूमिका और नाटो गठबंधन के कट्टर समर्थक थे। जर्मनी में अमेरिकी सेना में सेवा देने के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मामलों पर अपनी मजबूत पहचान बनाई।
यूक्रेन के लिए क्यों थे खास?
रूस द्वारा 2022 में यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर हमला शुरू करने के बाद ग्राहम 10 बार यूक्रेन गए। उन्होंने यूक्रेन को सैन्य सहायता, हथियारों की आपूर्ति और रूस पर कड़े प्रतिबंधों का लगातार समर्थन किया। 2014 में क्रीमिया पर रूस के कब्जे के बाद भी ग्राहम उन शुरुआती अमेरिकी नेताओं में शामिल थे जिन्होंने यूक्रेन को रक्षा हथियार देने की वकालत की थी।
रूस के खिलाफ कड़ा रुख
लिंडसे ग्राहम रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सबसे मुखर आलोचकों में गिने जाते थे। यूक्रेन युद्ध की शुरुआत के बाद उन्होंने पुतिन को “गुंडा और दबंग” बताया था। एक बयान में उन्होंने यहां तक कहा था कि रूस के भीतर कोई ऐसा व्यक्ति सामने आना चाहिए जो पुतिन को सत्ता से हटाए। इस बयान पर मॉस्को ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी।
कौन-कौन से विधेयकों का किया समर्थन?
ग्राहम ने कई ऐसे विधेयकों का समर्थन किया जिनका उद्देश्य यूक्रेन की सुरक्षा को मजबूत करना था। उन्होंने रूस द्वारा कब्जाए गए यूक्रेनी क्षेत्रों को कभी मान्यता न देने की नीति का समर्थन किया। इसके अलावा “स्टैंड विद यूक्रेन एक्ट” जैसे प्रस्तावों के सह-प्रायोजक रहे, जिसमें रक्षा सहयोग और हथियारों के हस्तांतरण का प्रावधान था। हालांकि यह विधेयक कानून नहीं बन सका।
ट्रंप और यूक्रेन के बीच संतुलन बनाने की कोशिश
डोनाल्ड ट्रंप के प्रभाव वाली रिपब्लिकन पार्टी में ग्राहम को अक्सर संतुलन साधना पड़ता था। उन्होंने कई बार ट्रंप की नाटो सहयोगियों से अधिक रक्षा खर्च की मांग का समर्थन किया, लेकिन साथ ही नाटो को अमेरिका की सुरक्षा का महत्वपूर्ण स्तंभ भी बताया। उनका मानना था कि मजबूत नाटो संभावित आक्रामक देशों को युद्ध शुरू करने से पहले दो बार सोचने पर मजबूर करता है।
जेलेंस्की से रिश्तों में उतार-चढ़ाव
फरवरी में व्हाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप और वोलोदिमिर जेलेंस्की की विवादित मुलाकात के बाद ग्राहम ने एक समय जेलेंस्की के इस्तीफे तक की बात कही थी। हालांकि कुछ ही समय बाद वह फिर यूक्रेन के पक्ष में सक्रिय हो गए और ट्रंप प्रशासन पर कीव को अधिक सैन्य सहायता देने का दबाव बनाने लगे।
आखिरी कीव दौरा और रूस पर नए प्रतिबंधों की तैयारी
मृत्यु से कुछ दिन पहले ही ग्राहम कीव पहुंचे थे, जहां राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने एक यूक्रेनी ड्रोन निर्माण संयंत्र का दौरा किया और यूक्रेन के लिए समर्थन दोहराया। कीव से रवाना होने से कुछ घंटे पहले ग्राहम ने घोषणा की थी कि व्हाइट हाउस और दोनों दलों के सीनेटर रूस पर नए प्रतिबंधों के पैकेज पर सहमत हो गए हैं।
यूक्रेन के लिए क्या मायने रखता है ग्राहम का निधन?
लिंडसे ग्राहम का निधन ऐसे समय हुआ है जब यूक्रेन को अमेरिका में मजबूत राजनीतिक समर्थन की आवश्यकता है। ग्राहम उन कुछ रिपब्लिकन नेताओं में थे जो लगातार यूक्रेन के पक्ष में खुलकर बोलते रहे। उनके जाने से कीव को वॉशिंगटन में एक प्रभावशाली आवाज का नुकसान हुआ है, जो रूस के खिलाफ सख्त रुख और यूक्रेन के लिए निरंतर अमेरिकी सहायता की वकालत करती थी।