KGMU की नर्सिंग छात्रा की मौत पर आक्रोश, डीन के इस्तीफे की मांग, छात्रों का धरना
छात्र इंसाफ मांग रहे हैं, डीन ने छात्रों का साथ देने का वादा किया है, सच का इंतजार है।
KGMU में प्रदर्शन कर रहे छात्र।
लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में बीएससी नर्सिंग द्वितीय वर्ष की एक छात्रा की बुखार के दौरान मौत के बाद नर्सिंग छात्रों का आंदोलन बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं डीन और प्रिंसिपल के इस्तीफे समेत कई मांगों को लेकर धरने पर बैठे रहे। उन्होंने चेतावनी दी है कि जल्द ठोस फैसला नहीं हुआ तो भूख हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
छात्रा की मौत वाराणसी के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान हुई थी। इसके बाद नर्सिंग विद्यार्थियों ने पढ़ाई, ड्यूटी और हॉस्टल व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। छात्रों का आरोप है कि बीमारी में भी उन्हें छुट्टी नहीं मिलती और ओपीडी व वार्ड में ड्यूटी पर लगा दिया जाता है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद स्थिति साफ होगी।
छात्र कब से दे रहे हैं धरना
छात्र पहले 21 सितंबर को भी धरने पर बैठे थे। अगले दिन कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद से बात हुई और शनिवार तक फैसला लेने का आश्वासन मिला। इसके बाद धरना स्थगित कर दिया गया। छात्रों का कहना है कि समय बीतने के बावजूद संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई, इसलिए सोमवार से कक्षाएं बंद कर आंदोलन फिर शुरू कर दिया गया।
बंद है नर्सिंग क्लास
सोमवार से नर्सिंग की कक्षाएं बंद हैं और काम का बहिष्कार भी जारी है। केजीएमयू प्रशासन ने छात्रा की मौत की परिस्थितियों की जांच के लिए हाईपावर कमेटी गठित की है।
प्रशासन की ओर से मुख्य प्रॉक्टर प्रो. आरएएस कुशवाहा, डीन डॉ. केके सिंह, सीएमएस डॉ. बीके ओझा और प्रो-वाइस चांसलर डॉ. अंजू अग्रवाल ने छात्रों से धरना खत्म कर कक्षाओं में लौटने की अपील की। बुधवार को कॉलेज ऑफ नर्सिंग के शिक्षकों और ट्यूटर्स ने कुलपति से मुलाकात कर कुछ छात्रों के कथित अनुचित व्यवहार और भाषा पर नाराजगी जताई और चार्टर भी सौंपा।