बृजभूषण शरण सिंह और स्वामी रामदेव का झगड़ा कैसे सुलझा?
बृजभूषण शरण सिंह, स्वामी रामदेव के धुर आलोचक हैं, कैसे उन्होंने अपने सुर बदले, आइए समझते हैं।
बाबा रामदेव और बृजभूषण शरण सिंह की 23 सितंबर को मुलाक़ात हुई है। दोनों कई दिनों से एक – दूसरे पर आरोप – प्रत्यारोप का खेल कर रहे थे। सोशल मीडिया पर अक्सर ही दोनों की खूब चर्चा हुई और दोनों के ही समर्थक आपस में भिड़ते रहे हैं पतंजलि फूड्स की ओर से 50 करोड़ रुपये के मानहानि का दावा :यह ख़बर भी आई थी कि पतंजलि फूड्स द्वारा बृजभूषण शरण सिंह पर 50 करोड़ रुपये के मानहानि का दावा किया गया है। चूँकि बृजभूषण शरण सिंह ने हाल ही में पतंजलि के खाद्य पदार्थों के गुणवत्ता पर सवाल उठाया था। ख़ासकर घी के संबंध में उन्होंने कहा था कि इतने सस्ते में इतना शुद्ध घी कोई कैसे बेच सकता है। यही कारण था कि मानहानि के दावे की ख़बर आई थी। बृजभूषण ने किया रामदेव को प्रणाम :मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ बाबा रामदेव ने कहा कि जब उनकी और बृजभूषण शरण सिंह की मुलाक़ात हुई इस दौरान बृजभूषण शरण ने रामदेव बाबा को प्रणाम भी किया। बाबा रामदेव ने कहा कि बृजभूषण शरण सनातन धर्म का सम्मान करते हैं व मेरे द्वारा किए गए काम का भी सम्मान करते हैं। बृजभूषण को हुई थी गलतफहमी :बाबा रामदेव ने कहा कि हमारे बीच गलतफ़हमी हुई थी जिससे चीजें ख़राब हुईं थीं। रामदेव ने कहा कि बृजभूषण ने सुनी – सुनाई बातों को सही मान लिया और वो ग़लतफ़हमी का शिकार हो गए। अब मुलाक़ात के बाद हमारे सारे गिले – शिकवे ख़त्म हुए। बाबा रामदेव ने बृजभूषण शरण सिंह का धन्यवाद भी किया। बाबा रामदेव ने स्पष्ट किया कि हमारा सारा प्रोडक्ट असली है :बाबा रामदेव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस बात पर जोर दिया कि पतंजलि फूड्स का कोई भी प्रोडक्ट नकली नहीं है। घी के संबंध में भी उन्होंने दावा किया कि यह शुद्ध घी है। रामदेव ने यह भी दावा किया कि पतंजलि फूड्स के घी को लैब में टेस्ट करने को भी तैयार हैं।कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि बाबा रामदेव ने बृजभूषण शरण सिंह को दो घी के डब्बे दिए; एक खाने के लिए व एक लैब टेस्ट के लिए। बाबा रामदेव अब इस विवाद को आगे नहीं बढ़ाना चाहते हैं :बाबा रामदेव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस बात का भी जिक्र किया कि इस मुलाक़ात के बाद उनके बीच की सारी ग़लतफ़हमियां व सारे गिले- शिकवे दूर हो चुके हैं। रामदेव ने कहा कि अब वह इस विवाद को आगे बिल्कुल नहीं बढ़ाना चाहते और न बढ़ाएँगे। अब से सारे शिकवे ख़त्म हुए।