भारत के पास कितने परमाणु हथियार हैं? No First Use नीति क्या है?
परमाणु विस्फोट की काल्पनिक तस्वीर है।
भारत की परमाणु क्षमता को लेकर आम लोगों में हमेशा से जिज्ञासा बनी रहती है। गूगल पर इससे जुड़े कई सवाल बार-बार खोजे जाते हैं, जैसे भारत के पास कितने परमाणु हथियार हैं, पहला परमाणु परीक्षण कब हुआ था और भारत की परमाणु नीति क्या कहती है। आइए इन सभी सवालों के जवाब आसान भाषा में जानते हैं।
भारत ने अपना पहला परमाणु परीक्षण 18 मई 1974 को राजस्थान के पोखरण में किया था। इस परीक्षण को ‘ऑपरेशन स्माइलिंग बुद्धा’ नाम दिया गया था और उस समय भारत ने इसे शांतिपूर्ण परमाणु विस्फोट बताया था। इसके बाद भारत ने 11 और 13 मई 1998 को पोखरण में ही पांच और परमाणु परीक्षण किए, जिन्हें ऑपरेशन शक्ति नाम दिया गया। इन परीक्षणों के बाद भारत ने खुद को पूर्ण रूप से परमाणु हथियार संपन्न देश घोषित कर दिया।
भारत की परमाणु ताकत कितनी है
भारत ने कभी भी आधिकारिक रूप से अपने परमाणु हथियारों की सही संख्या सार्वजनिक नहीं की है। अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के अनुमान के मुताबिक भारत के पास फिलहाल करीब 170 से 190 परमाणु हथियार हैं। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट के मुताबिक 2026 में भारत के पास करीब 190 परमाणु वॉरहेड मौजूद हैं। इसके अलावा भारत के पास इतना यूरेनियम और प्लूटोनियम मौजूद है, जिससे जरूरत पड़ने पर 200 से ज्यादा हथियार भी बनाए जा सकते हैं।
भारत की परमाणु नीति क्या है
भारत की परमाणु नीति ‘नो फर्स्ट यूज’ यानी पहले हमला न करने के सिद्धांत पर आधारित है। इसका मतलब है कि भारत किसी भी देश के खिलाफ पहले परमाणु हथियार का इस्तेमाल नहीं करेगा। हालांकि अगर कोई देश भारत पर रासायनिक या जैविक हथियारों से हमला करता है, तो भारत परमाणु हथियारों से जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखता है। भारत की यह नीति साल 1999 में तय की गई थी।
भारत की परमाणु त्रिकोण व्यवस्था क्या है
भारत के पास पूर्ण परमाणु त्रिकोण यानी न्यूक्लियर ट्रायड मौजूद है। इसका मतलब है कि भारत जमीन, हवा और समुद्र तीनों जगहों से परमाणु हथियार दागने में सक्षम है। जमीन से अग्नि सीरीज की मिसाइलें दागी जा सकती हैं, वायुसेना के मिराज-2000 और जगुआर जैसे विमान भी परमाणु हथियार ले जाने की क्षमता रखते हैं। वहीं समुद्र में अरिहंत श्रेणी की पनडुब्बियां सागरिका और के-4 जैसी मिसाइलों से परमाणु हमला करने में सक्षम हैं।
भारत की सबसे लंबी दूरी की मिसाइल कौन सी है
भारत की सबसे लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइल अग्नि-5 है। यह करीब 7000 से 8000 किलोमीटर तक निशाना साध सकती है। भारत लगातार अपनी मिसाइल तकनीक को अपग्रेड करने में जुटा है और अग्नि-6 जैसी अगली पीढ़ी की मिसाइलों पर भी काम कर रहा है।
क्या भारत ने परमाणु अप्रसार संधि पर दस्तखत किए हैं
भारत ने अब तक परमाणु अप्रसार संधि यानी एनपीटी पर दस्तखत नहीं किए हैं। भारत का कहना है कि यह संधि भेदभावपूर्ण है, क्योंकि इसमें पहले से परमाणु हथियार रखने वाले देशों को अलग दर्जा दिया गया है। इसके अलावा भारत ने व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि यानी सीटीबीटी पर भी दस्तखत नहीं किए हैं।
भारत की परमाणु क्षमता से जुड़ी अन्य अहम जानकारी
भारत परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह यानी एनएसजी की सदस्यता हासिल करने की कोशिश में लगा है। हालांकि साल 2016 में भारत मिसाइल तकनीक नियंत्रण व्यवस्था यानी एमटीसीआर का सदस्य बन गया था। इसके अलावा भारत की परमाणु नीति मुख्य रूप से पाकिस्तान और चीन को ध्यान में रखकर तय की गई है। हाल के सालों में भारत की सुरक्षा नीति में चीन को लेकर सतर्कता और बढ़ी है।